छोटा सा सूत्र

मैक्सिम गोर्की रूस के प्रसिद्ध लेखक थे . उनका प्रारम्भिक जीवन बहुत संघर्षमय बीता , आर्थिक गरीबी  के कारण उन्हें कई वर्ष नौकर के रूप में कार्य करना पड़ा , साथ ही मालिकों का दुर्व्यवहार सहना पड़ा .

एक दिन आर्थिक तंगी से परेशान होकर वो  खुद को गोली मार लीये , लेकिन गोली सीने में नहीं फेफड़े में लगी जिसके कारण वो बच गए ,उन दिनों वो एक पुस्तक लिखे जिसके प्रकाशित होते ही वे बहुत प्रसिद्ध हो गये ,और साहित्य जगत में छा गये .

अपने प्रतिकूल दिनों के बारे में गोर्की ने कहा , ” जब तक मनुष्य काम को कर्तव्य समझ कर करता है , उसका जीवन पराधीन रहता है , पर जिस दिन से वह उस काम को अपना समझ कर करने लगता है उस दिन से उसके जीवन में सुख समृद्धि की लहर दौड़ जाती है . सुखी होने का यह छोटा सा सूत्र बेशकीमती है . ”

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